उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं को बधाई दी और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी सरकार की नीतियों का उल्लेख किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर कई आरोप लगाए और उसके विकास मॉडल पर सवाल उठाए।
‘सपा के लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान विकास का केंद्र केवल सैफई रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य गांवों और जिलों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की गरीब कल्याण योजनाओं को पिछली सरकार के दौरान अपेक्षित तरीके से लागू नहीं किया गया। ये दावे मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा हैं।
सरकारी नौकरियों को लेकर भी निशाना
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलने के बाद ही अभ्यर्थियों के बीच आशंकाएं पैदा हो जाती थीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, गरीब और बिना राजनीतिक या प्रशासनिक पहुंच वाले परिवारों के योग्य युवाओं को भी नौकरी से वंचित रहना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है।
साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियों का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि अब तक उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों की नियुक्ति को भी मिशन रोजगार का हिस्सा बताया गया।
छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सितंबर में यह नियुक्ति पत्र वितरण का चौथा कार्यक्रम है और अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र बांटने का सिलसिला शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य भी दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार नियुक्ति पत्र बांटती रहेगी और विपक्ष अपने स्तर पर आंकड़े गिनता रहे।
ग्राम सचिवालयों को लेकर सरकार की योजना
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सचिवालयों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
गांवों में ऑनलाइन सेवाओं पर जोर
योगी ने कहा कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए ब्लॉक और तहसील कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
कानून-व्यवस्था पर भी विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और समानांतर व्यवस्था चलती थी। योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफिया और अराजकता के खिलाफ कार्रवाई की है। इन दावों पर विपक्ष की ओर से अलग-अलग मौकों पर प्रतिक्रिया सामने आती रही है।
नियुक्त अधिकारियों को दी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से गांवों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की दिशा में काम करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से पंचायतों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, मजबूत और आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतें विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
