उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को बधाई दी और कहा कि एक नियुक्ति पत्र केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए रोजगार और भविष्य की नई शुरुआत का अवसर होता है। कार्यक्रम में 11 चयनित अभ्यर्थियों को मंच से सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र दिए गए।
गांवों में प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
ग्राम पंचायत अधिकारी पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए अधिकारियों की नियुक्ति से ग्राम पंचायतों में योजनाओं की निगरानी, पंचायत अभिलेखों के रखरखाव और ग्रामीणों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नियुक्ति के साथ चयनित अधिकारियों के लिए उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी व्यवस्था की गई है।
‘टोटी चोर’ वाले बयान से चर्चा
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति और हर घर नल योजना का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए ‘टोटी चोर’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांवों में पाइप या नल खराब होने पर प्रशिक्षित प्लंबर उपलब्ध होना चाहिए, ताकि छोटी समस्या के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नल की मरम्मत व्यवस्था नहीं होगी तो नुकसान गांव का होगा।
हर घर नल योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव-गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने स्थानीय स्तर पर प्लंबरों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई।
हर सप्ताह नियुक्ति पत्र बांटने का दावा
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने हाल में हुई नियुक्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सितंबर में यह उनका चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है और अक्टूबर के पहले सप्ताह से भी नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने विपक्ष के उन सवालों का भी जिक्र किया जिनमें नियुक्तियों की गति को लेकर सवाल उठाए गए थे।
2017 से पहले की व्यवस्था पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और समानांतर व्यवस्था चलती थी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में प्रदेश में कर्फ्यू, दंगे और माफिया गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण है। ये बातें मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थीं।
युवाओं के लिए रोजगार पर सरकार का फोकस
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सरकारी भर्ती और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुख रहा। इससे पहले भी मुख्यमंत्री विभिन्न नियुक्ति कार्यक्रमों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और चयनित अभ्यर्थियों को समय पर ज्वाइनिंग दिलाने की बात कहते रहे हैं। सितंबर में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम में भी उन्होंने भर्ती के बाद किसी तरह के लेन-देन की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
पंचायत स्तर पर बढ़ेगी जिम्मेदारी
नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों के सामने अब गांवों में सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी होगी। पंचायत प्रशासन, विकास कार्यों की निगरानी और ग्रामीण नागरिकों से जुड़े कामों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। सरकार की ओर से प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण के जरिए उन्हें पंचायत व्यवस्था की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
