उत्तर प्रदेश-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में गाजियाबाद समेत एनसीआर के विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। इस दौरान लोनी क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख कारणों और उसे नियंत्रित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।
अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई होगी तेज
बैठक में लोनी में संचालित अवैध फैक्ट्रियों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों में करीब 400 अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की निगरानी बढ़ाने और कार्रवाई को तेज करने के निर्देश दिए।
इसके लिए चार विशेष टीमें गठित करने की बात भी सामने आई है। अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में पानी के छिड़काव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
30 सितंबर तक लगेंगे प्रदूषण नियंत्रण उपकरण
बैठक में फैक्ट्रियों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को लेकर भी निर्देश दिए गए। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब 277 फैक्ट्रियों को चिह्नित किया था। इनमें से 11 इकाइयों में आवश्यक सिस्टम नहीं पाए जाने पर उन्हें बंद कराया जा चुका है।
करीब 45 ऐसी इकाइयों को 30 सितंबर तक वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने का निर्देश दिया गया है, जहां प्रदूषण का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
PUC के बिना नहीं मिलेगा ईंधन
मुख्यमंत्री ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। यानी वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं देने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा ई-वाहनों और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने, जाम वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुधारने और टूटी सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए। कूड़ा निस्तारण और प्रदूषण हॉटस्पॉट की विशेष निगरानी पर भी जोर दिया गया।
