Gautam Gambhir: अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने 3-0 से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस सीरीज में एक सवाल लगातार चर्चा में रहा आखिर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को खेलने का मौका कब मिलेगा? 15 साल के इस युवा बल्लेबाज को तीनों मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया।
तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के रिकॉर्डतोड़ शतक के बाद अब हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने वैभव को लेकर टीम मैनेजमेंट का प्लान साफ कर दिया है। गंभीर ने कहा कि वैभव को अभी अपने मौके का इंतजार करना होगा।
Gautam Gambhir ने साफ कहा- वैभव को करना होगा इंतजार
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को लेकर कहा कि टीम को उनकी प्रतिभा और क्षमता के बारे में अच्छी तरह पता है। हालांकि, मौजूदा टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो पिछले दो-तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। गंभीर के मुताबिक ऐसे खिलाड़ियों को उस खिलाड़ी पर प्राथमिकता मिलना स्वाभाविक है, जिसने अभी टीम में जगह बनाई है।
गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह वैभव की प्रतिभा पर सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी वैभव को मौका मिलेगा, उन्हें पर्याप्त मौके दिए जाएंगे। यानी टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज को एक मैच खिलाकर बाहर करने के बजाय लंबा रन देने की योजना पर काम कर रहा है।
संजू-अभिषेक ने बनाई अपनी जगह
अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी20 मुकाबलों में भारत ने अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) और संजू सैमसन (Sanju Samson) को बतौर ओपनर उतारा। दोनों ने टीम मैनेजमेंट के फैसले को सही साबित करते हुए शानदार बल्लेबाजी की।
अभिषेक ने तीसरे टी20 में महज 30 गेंदों में शतक जड़कर तहलका मचा दिया। वहीं संजू सैमसन (Sanju Samson) ने भी सीरीज में लगातार अच्छी पारियां खेलीं और तीन मैचों में 117 रन बनाए। ऐसे प्रदर्शन के बाद वैभव के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना मुश्किल हुआ।
वैभव को मौका मिला तो मिलेगा लंबा रन
गंभीर (Gautam Gambhir) ने वैभव के भविष्य को लेकर सबसे अहम बात यह कही कि जब उन्हें मौका मिलेगा, तो उन्हें लंबा रन दिया जाएगा। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में प्रतियोगिता को जरूरी बताते हुए कहा कि टीम में प्रतिभा और मुकाबला दोनों होना चाहिए।
गंभीर ने यह भी कहा कि उम्र चाहे 15 साल हो या 30 साल, अगर किसी खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना है तो उसे इंतजार करना ही पड़ेगा। ऐसे में वैभव के लिए फिलहाल संदेश साफ है—टैलेंट पर किसी को शक नहीं, लेकिन सही मौके के लिए धैर्य रखना होगा।
