दिल्ली-NCR में सर्दियों से पहले वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार सक्रिय हो गई हैं। इसी क्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 सितंबर को लखनऊ में एक अहम बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। बैठक में एनसीआर के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
यह बैठक मुख्यमंत्री आवास, पांच कालिदास मार्ग पर सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर रहेगा फोकस
बैठक में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण और तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल तथा अन्य स्थानीय स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की स्थिति पर चर्चा होगी। सर्दियों में दिल्ली-NCR की हवा में प्रदूषण बढ़ने की संभावना को देखते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा एनसीआर के शहरों में 15 सितंबर से शुरू विशेष सफाई अभियान, रोड डस्ट, पराली जलाने, पुराने वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
राज्यों के बीच समन्वय पर जोर
इससे पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने एनसीआर के राज्यों की वायु गुणवत्ता प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा की थी। केंद्र की ओर से प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान देने और प्रदूषण फैलाने वाली गैर-अनुरूप औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया गया है। साथ ही जनभागीदारी और व्यवहार में बदलाव से जुड़े अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की बात कही गई है।
आगामी बैठक में उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में प्रदूषण नियंत्रण की मौजूदा व्यवस्था का आकलन कर सर्दियों के दौरान प्रदूषण से निपटने के लिए जरूरी कदमों पर दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
