उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम फैसला लिया है। 15 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस फैसले का लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने अग्निवीर योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी की है। परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की भर्ती के अलावा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में जेल वार्डर के पदों पर भी उन्हें आरक्षण का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि यह आरक्षण क्षैतिज होगा, यानी पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक श्रेणी से आते हैं, उन्हें उसी श्रेणी में समायोजित किया जाएगा।
उम्र सीमा में भी मिलेगी राहत
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को केवल आरक्षण तक सीमित राहत नहीं दी है। भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में भी तीन वर्ष तक की छूट देने का फैसला किया गया है। नियम के अनुसार उनकी अग्निवीर के रूप में की गई सेवा अवधि को अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करते समय घटाया जाएगा, हालांकि वास्तविक आयु छूट अधिकतम तीन वर्ष तक रहेगी।
सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद नागरिक रोजगार में आने वाले अग्निवीरों के लिए अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार भी 2026 में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग प्रावधान कर चुकी है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
उत्तर प्रदेश में इससे पहले पुलिस विभाग की भर्तियों में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। अब जेल और परिवहन विभाग को इसमें शामिल किए जाने से राज्य की सरकारी भर्तियों में उनके लिए रोजगार के विकल्प और बढ़ेंगे।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अग्निवीरों के पहले बैच के चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने के बाद उनके आगे के रोजगार को लेकर चर्चा तेज है। नई व्यवस्था के तहत पूर्व अग्निवीरों को उनकी सैन्य सेवा के अनुभव का लाभ राज्य की सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े विभागों में मिल सकेगा।
ALSO READ: मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में लगेगा एथेनॉल प्लांट, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
