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यूपी में घर-घर पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा:पीएम ई-विद्या पर एक मंच में पढ़ाई के जरूरी संसाधन, मोबाइल से कर सकेंगे इस्तेमाल

CM Yogi Adityanath PM E vidya
यूपी में घर-घर पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा:पीएम ई-विद्या पर एक मंच में पढ़ाई के जरूरी संसाधन, मोबाइल से कर सकेंगे इस्तेमाल
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लखनऊ: कभी स्कूल की घंटी और ब्लैकबोर्ड ही पढ़ाई की पहचान हुआ करते थे, लेकिन अब मोबाइल और इंटरनेट भी बच्चों की पढ़ाई का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में PM e-Vidya के माध्यम से विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ने और दोबारा पाठ समझने का अवसर मिल रहा है।

हाल ही में यूपी के लिए PM e-Vidya के पांच डीटीएच चैनलों को YouTube पर भी उपलब्ध कराया गया है। इससे बाल वाटिका से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई की पहुंच और आसान हुई है।

कक्षा के बाद भी जारी रहेगी पढ़ाई

इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विद्यार्थी स्कूल में पढ़ाए गए पाठ को घर पर अपनी सुविधा के अनुसार दोबारा देख सकते हैं। कई बार कक्षा में कोई अध्याय समझने में परेशानी होती है या परीक्षा से पहले किसी टॉपिक को फिर से पढ़ने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में डिजिटल कंटेंट बच्चों के लिए अतिरिक्त सहारे की तरह काम कर सकता है।

यूपी के लिए पांच चैनल अलग-अलग कक्षाओं के हिसाब से निर्धारित किए गए हैं। बाल वाटिका से कक्षा 2 तक के लिए चैनल 173, कक्षा 3 से 5 के लिए 174, कक्षा 6 से 8 के लिए 175, कक्षा 9-10 के लिए 176 और कक्षा 11-12 के लिए चैनल 177 उपलब्ध है।

गांव-कस्बों के बच्चों के लिए भी उपयोगी

डिजिटल शिक्षा का असली फायदा तब होगा जब इसका लाभ शहरों के साथ गांव और छोटे कस्बों के विद्यार्थियों तक भी पहुंचे। PM e-Vidya इसी सोच के तहत टीवी, इंटरनेट, रेडियो और दूसरे माध्यमों से शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था का हिस्सा है। राष्ट्रीय स्तर पर PM e-Vidya का उद्देश्य अलग-अलग माध्यमों के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों तक शैक्षिक सामग्री पहुंचाना है।

उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के लिए सरकार पहले से ही ICT लैब और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। केंद्र सरकार के अनुसार 2023-24 से 2025-26 के बीच यूपी के लिए समग्र शिक्षा के तहत 15,389 ICT लैब और 15,603 स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने के लिए बजट स्वीकृत किया गया।

बच्चों और शिक्षकों दोनों को फायदा

PM e-Vidya केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी डिजिटल संसाधनों का उपयोग आसान बना रहा है। पढ़ाई में वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री के इस्तेमाल से कठिन विषयों को ज्यादा सहज तरीके से समझाने में मदद मिल सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब पढ़ाई सिर्फ स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहेगी। किसी बच्चे को अगर किसी अध्याय को समझने के लिए पांच बार दोहराना पड़े, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म उसे यह सुविधा देता है। यही तकनीक आधारित शिक्षा की सबसे मानवीय खूबी है सीखने की गति बच्चे की अपनी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में PM e-Vidya का विस्तार डिजिटल शिक्षा को केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को आसान, सुलभ और अपनी सुविधा के मुताबिक बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।

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अभिषेक को खेल से अटूट रिश्ते ने पत्रकार बनाया। 2016 में मीडिया डेब्यू किया तब से...