उत्तर प्रदेश के बलिया की सात वर्षीय दिव्यांग छात्रा रागिनी इन दिनों अपने हौसले और पढ़ाई के प्रति जुनून को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर उसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह शारीरिक परेशानी के बावजूद एक पैर के सहारे कूदते हुए स्कूल जाती दिखाई दी थी। वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब रागिनी से मुलाकात कर उसका हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने रागिनी से जाना हाल
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रागिनी और उसके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्ची की परेशानी, पढ़ाई और इलाज से जुड़ी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रागिनी की हिम्मत और शिक्षा के प्रति उसके समर्पण की सराहना करते हुए उसे हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। मुलाकात के दौरान रागिनी के परिवार को भी सरकार की ओर से मदद का आश्वासन मिला।
छह महीने की उम्र में हुआ था हादसा
रागिनी जब महज छह महीने की थी, तब एक हादसे में उसके पैर को गंभीर चोट पहुंची थी। आर्थिक परेशानियों के कारण परिवार उसका समुचित इलाज नहीं करा सका। इसके बावजूद रागिनी ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। वह बलिया के मनियर ब्लॉक स्थित रानीपुर दिघेड़ा गांव से करीब 400 मीटर दूर प्राथमिक विद्यालय तक एक पैर के सहारे पहुंचती थी। उसका यही जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बन गया।
प्रशासन ने भी तुरंत बढ़ाया मदद का हाथ
रागिनी का वीडियो सामने आने के बाद बलिया जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह खुद उसके गांव पहुंचे और बच्ची को ट्राइसाइकिल, कॉपी-किताब, पढ़ाई की सामग्री तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। परिवार की अन्य समस्याओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। रागिनी के घर से स्कूल तक जाने वाले रास्ते को बेहतर बनाने के लिए भी प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू की।
इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रागिनी के इलाज की व्यवस्था भी शुरू की गई। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसका परीक्षण किया और बेहतर जांच के लिए उसे बीएचयू भेजने का निर्णय लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रागिनी के इलाज में आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए अन्य विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेने की भी तैयारी है।
पढ़ाई का सपना नहीं रुकेगा
रागिनी की कहानी ने यह संदेश दिया है कि संसाधनों की कमी और शारीरिक चुनौती भी मजबूत इच्छाशक्ति वाले बच्चे के सपनों को रोक नहीं सकती। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद परिवार को उम्मीद है कि रागिनी का बेहतर इलाज होगा और उसके लिए स्कूल आना-जाना भी आसान बनाया जाएगा।
सरकार की ओर से इलाज, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं में मदद का भरोसा मिलने के बाद रागिनी के परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों में भी उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।
