उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रदेश की करीब एक करोड़ महिलाओं को एक-एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपना छोटा कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देना है।
तीन किस्तों में मिलेगा एक लाख रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक पात्र महिला को कुल एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता तीन किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी। पहली किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जबकि दूसरी किस्त 30 हजार रुपये और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये की होगी। इस तरह तीनों किस्तों को मिलाकर महिला के लिए एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध होगा।
दिसंबर में पहली किस्त की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार पहली किस्त का वितरण दिसंबर 2026 से शुरू किए जाने की तैयारी है। यानी लाभार्थी महिलाओं को साल के अंत से पहले कारोबार शुरू करने या अपनी मौजूदा आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध हो सकती है। योजना को विधानसभा चुनाव से पहले लागू करने की तैयारी के चलते इसे राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ब्याजमुक्त क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था
महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के तहत लाभार्थियों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने के लिए क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार या मौजूदा कारोबार के विस्तार में कर सकेंगी। बैंक की ओर से ऋण चुकाने के लिए तीन वर्ष तक का समय दिए जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को देने की तैयारी है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहले से ही सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, हस्तशिल्प, छोटे व्यापार और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ी हैं। ब्याजमुक्त ऋण मिलने से इन गतिविधियों को बड़े स्तर पर ले जाने में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश की महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाली उद्यमी शक्ति के रूप में आगे बढ़ाना है। एक करोड़ महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है। इससे महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की इस प्रस्तावित योजना को महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में योजना के पात्रता नियम और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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