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यूपी में 2,901 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश, योगी कैबिनेट ने 8 मेगा औद्योगिक इकाइयों को दी मंजूरी

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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) जारी करने की मंजूरी दी गई है। इन आठ परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर आने से कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

औद्योगिक निवेश नीति के तहत मिली मंजूरी

इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत मंजूरी दी गई है। इससे पहले उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की 4 मई 2026 को हुई बैठक में इन निवेश प्रस्तावों पर विचार किया गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित इकाइयों को नीति के तहत जरूरी सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।

गौतमबुद्ध नगर से हमीरपुर तक निवेश

मंजूर की गई परियोजनाओं में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गौतमबुद्ध नगर में 605.37 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। वहीं शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड हमीरपुर में 297.30 करोड़ रुपये और साउंड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड हाथरस में 225 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इन परियोजनाओं से संबंधित जिलों में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बाराबंकी में 436 करोड़ रुपये की परियोजना

निवेश की सूची में बाराबंकी भी प्रमुख स्थान पर है। वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 436.12 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित कर रही है। इसके अलावा लखीमपुर खीरी में जुआरी एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 294.72 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। इन निवेशों से स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

हाथरस और मथुरा को भी बड़ा फायदा

हाथरस में पसवारा पेपर्स लिमिटेड की ओर से 315 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। वहीं मथुरा में सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज लिमिटेड करीब 363.94 करोड़ रुपये की परियोजना लगाएगी। इससे दोनों जिलों में संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन और अन्य सहायक कारोबार को भी लाभ मिल सकता है।

उन्नाव में भी लगेगी बड़ी औद्योगिक इकाई

उन्नाव में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड की ओर से 363.52 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इस तरह कुल आठ परियोजनाएं गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देंगी। सरकार का उद्देश्य निवेश को केवल कुछ बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

निवेशकों को मिलेगा सरकारी प्रोत्साहन

इन मेगा परियोजनाओं को पात्रता के अनुसार नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि ऐसे नीतिगत प्रोत्साहन निवेशकों को उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित करेंगे। इससे प्रदेश के कारोबारी माहौल को मजबूत करने और बड़े निवेश को जमीन पर उतारने में मदद मिलने की उम्मीद है।