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पर्थला चौक पर बनेगा छह लेन का अंडरपास, जाम से मिलेगी बड़ी राहत

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नोएडा में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने पर्थला चौक पर छह लेन के अंडरपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह अंडरपास फरिदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर बनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पर्थला चौक पर लगने वाले लगातार जाम को कम करना और वाहन चालकों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

शहर के व्यस्त चौराहों में शामिल है पर्थला चौक

पर्थला चौक नोएडा के महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां आसपास तेजी से विकसित हो रहे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के कारण वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पीक आवर्स में इस चौराहे पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में प्रस्तावित अंडरपास को यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

छह लेन अंडरपास से सुधरेगी आवाजाही

प्रस्तावित अंडरपास छह लेन का होगा, जिससे बड़ी संख्या में वाहनों को चौराहे के मुख्य यातायात प्रवाह से अलग होकर गुजरने की सुविधा मिल सकेगी। इससे वाहनों के बार-बार रुकने की समस्या कम होने की उम्मीद है। खासकर FNG एक्सप्रेसवे की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।

अंडरपास बनने के बाद चौराहे पर यातायात के अलग-अलग प्रवाह को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इससे सफर का समय कम होने के साथ ईंधन की बचत भी हो सकती है।

पहले फ्लाईओवर से भी नहीं मिली पूरी राहत

पर्थला चौक के आसपास यातायात दबाव कम करने के लिए पहले भी बुनियादी ढांचे से जुड़े कदम उठाए गए हैं। करीब तीन साल पहले यहां फ्लाईओवर बनाया गया था, जिसका उद्देश्य विकास मार्ग पर यातायात को सुगम बनाना था। हालांकि इसके बावजूद क्षेत्र में यातायात संबंधी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। अब प्राधिकरण ने अंडरपास को मंजूरी देकर समस्या का एक और समाधान तलाशने की कोशिश की है।

FNG एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

FNG एक्सप्रेसवे नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। पर्थला चौक इस कॉरिडोर के महत्वपूर्ण हिस्से में आता है। अंडरपास बनने से इस मार्ग पर यातायात का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है। इससे नोएडा के साथ आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को भी राहत मिल सकती है।

यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे

लगातार लगने वाला जाम वाहन चालकों के समय के साथ-साथ ईंधन की भी खपत बढ़ाता है। अंडरपास के निर्माण से यातायात का प्रवाह सुचारु होने पर वाहन चालकों को लंबे समय तक चौराहे पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले हजारों यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

शहरी यातायात सुधारने की दिशा में कदम

नोएडा में तेजी से बढ़ती आबादी, नए आवासीय क्षेत्रों और बढ़ते वाहनों के कारण यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में फ्लाईओवर, अंडरपास और अन्य सड़क परियोजनाओं के जरिए प्रमुख चौराहों पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। पर्थला चौक का छह लेन अंडरपास भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।