उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में भारी बारिश के कारण गंगा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क को नुकसान पहुंचने की स्थिति सामने आई। बारिश के दौरान सड़क के प्रभावित हिस्से की जानकारी मिलते ही एक्सप्रेसवे पर तैनात टीमों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक समय रहते आवश्यक सुधार कर दिए गए, जिसके बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन फिर से सुचारु बना हुआ है।
मुस्तैदी से हुआ मरम्मत कार्य
गंगा एक्सप्रेसवे की निगरानी कर रही टीमों ने बारिश से प्रभावित हिस्से की स्थिति का तत्काल जायजा लिया। इसके बाद जरूरी तकनीकी सुधार किए गए। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य इस तरह किया गया कि यात्रियों के आवागमन पर किसी बड़ी बाधा का सामना न करना पड़े। टीमों की तत्परता के कारण सड़क को कम समय में सामान्य स्थिति में लाया जा सका।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
परियोजना प्रबंधक आरके मिश्रा के अनुसार बारिश के मौसम में एक्सप्रेसवे के संवेदनशील हिस्सों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी हिस्से में सड़क से जुड़ी समस्या सामने आने पर संबंधित टीम को तुरंत मौके पर भेजकर जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
मानसून में बढ़ाई गई पेट्रोलिंग
लगातार बारिश को देखते हुए गंगा एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग और तकनीकी निरीक्षण बढ़ा दिया गया है। टीमों को निर्देश दिया गया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी लगातार जारी रखें। यदि कहीं सड़क, किनारे या अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्या सामने आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए।
यातायात पर नहीं पड़ा बड़ा असर
बारिश से सड़क के एक हिस्से में समस्या आने के बावजूद एक्सप्रेसवे पर यातायात को लंबे समय तक बाधित नहीं होने दिया गया। मरम्मत और रखरखाव का काम वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी हो चुकी है और एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से जारी है।
बारिश के दौरान लगातार निगरानी
गंगा एक्सप्रेसवे हाल ही में शुरू हुई बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल है और मानसून के दौरान इसकी संरचना की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर सड़क क्षति और मिट्टी के कटाव की खबरें भी सामने आई थीं। अधिकारियों ने प्रभावित हिस्सों की मरम्मत के साथ आगे किसी समस्या को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
सुरक्षित सफर के लिए टीमों को अलर्ट
बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव, मिट्टी का कटाव और सड़क के किनारों को नुकसान जैसी समस्याएं यातायात के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसी वजह से एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने फील्ड टीमों को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर मिल सके।
