उत्तर प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक और निवेश संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नई दिल्ली में जापान की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ सीईओ राउंडटेबल में शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी के नए अवसर तलाशना है। इस कार्यक्रम में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।
जापानी कंपनियों के सामने रखी जाएगी यूपी की तस्वीर
इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान उत्तर प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों, बेहतर बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल नीतियों की जानकारी जापानी प्रतिनिधिमंडल को दी जाएगी। सरकार का प्रयास है कि जापान की कंपनियों की रुचि को केवल बातचीत तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे वास्तविक निवेश, कारखानों, तकनीकी साझेदारी और रोजगार के अवसरों में बदला जाए।
सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक फोकस
इस निवेश बैठक में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सरकार का मानना है कि जापानी कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की बड़ी अर्थव्यवस्था तथा श्रमशक्ति के बीच बेहतर तालमेल से नए औद्योगिक अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
जापान सिटी पर भी होगी चर्चा
इन्वेस्टमेंट मीट में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA क्षेत्र में प्रस्तावित 500 एकड़ की जापान सिटी भी प्रमुख विषय रहेगी। इसे जापानी कंपनियों, उनके सप्लायरों और सहायक उद्योगों के लिए एक एकीकृत औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने इस परियोजना की संभावनाएं और इससे मिलने वाले औद्योगिक लाभ प्रस्तुत करेगी।
3191 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर भी नजर
निवेश सम्मेलन के दौरान एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की YEIDA क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी। इन दोनों कंपनियों की करीब 3,191 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा की परियोजना करीब 2,025 करोड़ रुपये और मिंडा कॉरपोरेशन की दो परियोजनाएं करीब 1,166 करोड़ रुपये की बताई गई हैं।
निवेश के साथ रोजगार पर भी जोर
उत्तर प्रदेश सरकार इस पूरे अभियान को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। जापानी कंपनियों के निवेश से विनिर्माण क्षेत्र में नई इकाइयां स्थापित होने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके अलावा तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करने की संभावना भी बढ़ेगी।
यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
योगी सरकार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में विदेशी निवेश को महत्वपूर्ण मानती है। जापान के साथ औद्योगिक संबंधों को मजबूत करना इसी रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होने वाली सीईओ राउंडटेबल बैठक में सरकार की कोशिश होगी कि जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में कारोबार के लिए भरोसेमंद और अनुकूल वातावरण का संदेश दिया जाए।
कुल मिलाकर, यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 को उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 200 से अधिक जापानी प्रतिनिधियों की भागीदारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीईओ राउंडटेबल में मौजूदगी से निवेश, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में नए समझौतों की उम्मीद बढ़ी है।
