माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में अतीक अहमद के बड़े बेटे अली अहमद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाते हुए नजर आते हैं।
वीडियो के साथ दावा किया गया कि अबान की मौत के बाद अली ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि अब उन्हें और परेशान न किया जाए। हालांकि, यह दावा गलत है। वायरल वीडियो हाल का नहीं, बल्कि पुराना है।
फैक्ट चेक में सामने आई सच्चाई
फैक्ट चेक के मुताबिक, यह वीडियो अक्टूबर 2025 का है। उस समय अली अहमद को प्रयागराज जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था।
इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी स्थिति को लेकर बात कही थी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की थी। यानी वीडियो का अबान अहमद की हालिया मौत से कोई संबंध नहीं है।
वीडियो में क्या कह रहे थे अली?
पुराने वीडियो में अली अहमद ने जेल बदले जाने को लेकर अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने कहा था कि प्रयागराज जेल में उन्हें अलग रखा गया था और अब उन्हें करीब 400-500 किलोमीटर दूर भेज दिया गया है।
उन्होंने जेल में मुलाकात और अपनी स्थिति से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया था। इसी पुराने बयान के हिस्से को अब नए घटनाक्रम से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।
अबान की मौत के बाद नहीं दिया था ऐसा बयान
अबान अहमद की 6 अगस्त 2026 को सड़क हादसे में मौत हुई थी। इसके बाद उसके जनाजे में शामिल होने के लिए अली और उसके भाई उमर को अदालत से पैरोल मिली थी।
रिपोर्ट के अनुसार, अली को पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया था। इस दौरान उन्हें मीडिया से बातचीत नहीं करने का निर्देश दिया गया था। इसलिए वायरल वीडियो को अबान के जनाजे के बाद का बयान बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
वीडियो की पुरानी तारीख कैसे सामने आई?
फैक्ट चेक में वायरल वीडियो के दृश्यों की जांच की गई। इसके बाद यही वीडियो 2 अक्टूबर 2025 की एक रिपोर्ट में मिला। उस समय अली को प्रयागराज से झांसी जेल भेजे जाने की खबर सामने आई थी। इससे स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीर और वीडियो को मौजूदा घटना से जोड़कर साझा किया जा रहा है।
वायरल दावे से रहें सावधान
यह मामला दिखाता है कि किसी संवेदनशील घटना के बाद पुराने वीडियो किस तरह नए संदर्भ के साथ वायरल हो सकते हैं। अबान अहमद की मौत के बाद अली अहमद से जुड़ा पुराना वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, लेकिन तथ्य-जांच में इसकी वास्तविक तारीख सामने आ गई।
इसलिए सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या बयान को साझा करने से पहले उसकी तारीख और मूल स्रोत की जांच करना जरूरी है। वायरल वीडियो पुराना है और इसे अबान की मौत के बाद अली का बयान बताना गलत है।
