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योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में विभागों का बंटवारा, भूपेंद्र चौधरी को MSME तो मनोज पांडे को खाद्य एवं रसद विभाग की जिम्मेदारी

योगी आदित्यनाथ कैबिनेट
योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में विभागों का बंटवारा, भूपेंद्र चौधरी को MSME तो मनोज पांडे को खाद्य एवं रसद विभाग की जिम्मेदारी
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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों के विभागों का आवंटन कर दिया है। इस फेरबदल में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं पूर्व समाजवादी पार्टी नेता मनोज पांडे को खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का प्रभार दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन विभागों के माध्यम से रोजगार, उद्योग और जनकल्याण योजनाओं को और गति दी जाएगी।

स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्रियों को भी मिली जिम्मेदारी

कैबिनेट फेरबदल में पदोन्नत किए गए मंत्रियों को भी नए विभाग सौंपे गए हैं। अजीत पाल सिंह को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा राजनीतिक पेंशन विभाग का स्वतंत्र प्रभार मिला है। वहीं सोमेंद्र तोमर को सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा नव नियुक्त राज्य मंत्रियों में कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास, सुरेंद्र डिलेर को राजस्व, हंसराज विश्वकर्मा को MSME विभाग तथा कैलाश राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग से संबद्ध किया गया है।

प्रशासनिक मजबूती और चुनावी रणनीति पर नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विभागीय बंटवारा केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। उद्योग, खाद्य आपूर्ति, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभाग नए चेहरों को सौंपकर सरकार ने प्रशासनिक संतुलन बनाने की कोशिश की है।

इससे क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को भी साधने का प्रयास माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि नए मंत्री अपने-अपने विभागों में विकास कार्यों को और तेज करेंगे तथा जनता तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे।

विकास और सुशासन पर रहेगा सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागों के आवंटन के साथ सभी मंत्रियों से जनहित और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपेक्षा जताई है। सरकार का कहना है कि रोजगार सृजन, उद्योगों को बढ़ावा, खाद्य वितरण प्रणाली को मजबूत करना, ऊर्जा आपूर्ति में सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

नए विभागों का आवंटन होने के बाद अब संबंधित मंत्री अपने-अपने कार्यभार को संभालकर योजनाओं की समीक्षा और नई पहलों पर काम शुरू करेंगे। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ आगामी वर्षों के विकास एजेंडे को भी नई गति देने का प्रयास करेगी।

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