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1 अगस्त से उत्तर प्रदेश के इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, अगले 72 घंटे खराब रहेगा मौसम

Uttar Pradesh Weather Reports UP
1 अगस्त से उत्तर प्रदेश के इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, अगले 72 घंटे खराब रहेगा मौसम
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी रहने के बाद अगस्त की शुरुआत से फिर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं।

कई जिलों में बादलों की आवाजाही और छिटपुट हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कुछ इलाकों को छोड़कर 31 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है। हालांकि इस दौरान तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं होने से उमस के बावजूद भीषण गर्मी जैसी स्थिति बनने के आसार कम हैं।

Uttar Pradesh में 1 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बना गहन अवदाब मध्य भारत की ओर बढ़ गया है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल सीमित हुई हैं। इसके कमजोर होने के बाद मानसूनी द्रोणी के उत्तर की ओर खिसकने का अनुमान है।

साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह दोबारा मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 1 अगस्त से पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है और 2 अगस्त तक इसका असर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।

पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

1 से 5 अगस्त के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में भी मानसून का असर तेज रहने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

2 अगस्त से पूर्वी यूपी में भी बढ़ेगी बारिश

2 से 5 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, बस्ती, अयोध्या, प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में बारिश बढ़ सकती है।

जून और जुलाई में पश्चिमी यूपी के कई क्षेत्रों में औसत से अधिक बारिश हुई है, जबकि कुछ जिलों में अभी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ है।

ऐसे में अगस्त के शुरुआती दिनों की बारिश खेती के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिलने के साथ लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

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