साल 2008 में टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़े नीरज ग्रोवर (Neeraj Grover) की मौत के मामले ने पूरे देश को चौंका दिया था। नीरज टीवी इंडस्ट्री में काम करते थे और अभिनेत्री मारिया सुसईराज (Maria Susairaj) को काम दिलाने में मदद कर रहे थे। 6 मई 2008 को नीरज, मुंबई में मारिया के फ्लैट पर पहुंचे थे। इसके बाद वह लापता हो गए और परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच आगे बढ़ी तो मामला मारिया और उनके तत्कालीन मंगेतर, नौसेना अधिकारी एमिल जेरोम मैथ्यू तक पहुंचा।
पुलिस जांच में नीरज की हत्या और शव को ठिकाने लगाने से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया।
अदालत ने Maria Susairaj को हत्या का दोषी नहीं माना
मामले की सुनवाई के बाद 2011 में मुंबई की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मारिया सुसईराज (Maria Susairaj) को नीरज ग्रोवर (Neeraj Grover) की हत्या का दोषी नहीं माना, बल्कि उन्हें सबूत नष्ट करने का दोषी ठहराया। वहीं एमिल जेरोम को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या यानी ‘कल्पेबल होमिसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर’ और सबूत मिटाने का दोषी पाया गया।
अदालत ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी। यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार इस मामले की चर्चा में मारिया को सीधे नीरज की हत्या का दोषी बताया जाता है, जबकि अदालत का फैसला ऐसा नहीं था।
मारिया को मिली थी तीन साल की सजा
अदालत ने मारिया सुसईराज (Maria Susairaj) को सबूत नष्ट करने के मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। चूंकि वह मुकदमे के दौरान लगभग इतनी अवधि जेल में बिता चुकी थीं, इसलिए फैसले के तुरंत बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। दूसरी तरफ एमिल जेरोम को 10 साल की सजा सुनाई गई। मारिया ने बाद में अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील भी की थी। इस मामले में अदालत का फैसला आने के बाद भी काफी विवाद हुआ और नीरज ग्रोवर के परिवार ने फैसले पर निराशा व्यक्त की थी।
अब कहां हैं मारिया सुसईराज?
जेल से बाहर आने के बाद मारिया (Maria Susairaj) लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन और मनोरंजन जगत से दूर रहीं। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, उनके वर्तमान जीवन के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम पुख्ता जानकारी उपलब्ध है। एक समय उनके दोबारा फिल्म इंडस्ट्री में लौटने की चर्चाएं जरूर हुई थीं, लेकिन वह मुख्यधारा के सिनेमा में सक्रिय नजर नहीं आईं।
2008 का नीरज ग्रोवर मामला आज भी भारतीय मनोरंजन जगत से जुड़े सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है। करीब 18 साल बाद भी मारिया का नाम सामने आते ही इस मामले और अदालत के फैसले की चर्चा फिर शुरू हो जाती है।
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