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कौन हैं प्रह्लाद जोशी जिन्हें बनाया गया धर्मेंद्र प्रधान की जगह नया शिक्षा मंत्री? जानें कितने करोड़ की संपत्ति के हैं मालिक

प्रह्लाद जोशी नेट वर्थ
कौन हैं प्रह्लाद जोशी जिन्हें बनाया गया धर्मेंद्र प्रधान की जगह नया शिक्षा मंत्री? जानें कितने करोड़ की संपत्ति के हैं मालिक
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार किया।

इसके बाद प्रह्लाद जोशी को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा मंत्रालय संभालने की जिम्मेदारी दी गई। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जोशी ने कहा कि वह पूरी निष्ठा, विनम्रता और ईमानदारी के साथ इस दायित्व को निभाएंगे।

क्यों चर्चा में आया शिक्षा मंत्रालय?

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर में परीक्षा व्यवस्था और नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों के बीच सामने आया। इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को तत्काल शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने का फैसला किया गया। फिलहाल यह अतिरिक्त जिम्मेदारी है और स्थायी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर आगे फैसला हो सकता है।

जोशी पहले से केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे समय में उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है, जब परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं।

कितनी संपत्ति के मालिक हैं प्रह्लाद जोशी?

नई जिम्मेदारी के साथ प्रह्लाद जोशी की संपत्ति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। एबीपी की रिपोर्ट में उनके चुनावी हलफनामे के आधार पर बताया गया है कि उनके पास करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति है। इसमें बैंक जमा, निवेश, आभूषण और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। उनकी पत्नी के नाम पर भी विभिन्न संपत्तियां दर्ज हैं।

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपनी आय, देनदारियों और संपत्ति की जानकारी हलफनामे में देनी होती है, इसलिए उपलब्ध आंकड़े उनके घोषित चुनावी विवरण पर आधारित हैं। संपत्ति का बाजार मूल्य समय के साथ बदल सकता है।

शिक्षा क्षेत्र में नई जिम्मेदारी होगी बड़ी चुनौती

प्रह्लाद जोशी के सामने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं में चिंता बनी हुई है। मंत्रालय के सामने परीक्षा व्यवस्था में भरोसा मजबूत करने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाने जैसी कई चुनौतियां रहेंगी।

जोशी ने पदभार संभालते हुए प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और जिम्मेदारी को पूरी प्रतिबद्धता से निभाने की बात कही है। अब सबकी नजर इस पर रहेगी कि शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उनकी प्राथमिकताएं क्या रहती हैं और परीक्षा सुधार से जुड़े मामलों में आगे कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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