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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा में उनकी संपत्ति, जानें कितनी है नेटवर्थ और पत्नी के पास है कितना सोना?

धर्मेंद्र प्रधान नेटवर्थ
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा में उनकी संपत्ति, जानें कितनी है नेटवर्थ और पत्नी के पास है कितना सोना?
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनकी राजनीतिक यात्रा के साथ उनकी संपत्ति और निवेश को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। 25 जुलाई को उन्होंने पद से इस्तीफा दिया। यह घटनाक्रम परीक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया।

धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय से केंद्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और शिक्षा मंत्रालय से पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कौशल विकास तथा इस्पात जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके इस्तीफे के बाद उनकी घोषित चल-अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है।

धर्मेंद्र प्रधान के पास करीब 1.99 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति

चुनावी हलफनामे पर आधारित रिपोर्टों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान की कुल घोषित संपत्ति करीब 1.99 करोड़ रुपये है। वहीं उनकी पत्नी मृदुला प्रधान के नाम लगभग 4.12 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई गई है। परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी संपत्ति घोषित की गई है।

ये आंकड़े चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में दी गई जानकारी पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें मौजूदा बाजार मूल्य के बजाय घोषित संपत्ति के रूप में देखना चाहिए। समय के साथ निवेश और संपत्तियों के मूल्य में बदलाव संभव है।

धर्मेंद्र प्रधान के बैंक जमा से लेकर सोने तक में निवेश

रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान की संपत्ति अलग-अलग माध्यमों में है। इसमें बैंक खातों में जमा राशि, वाहन, सोना और दूसरी चल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा उनके परिवार की अचल संपत्तियों की जानकारी भी चुनावी हलफनामे में दी गई है।

सार्वजनिक जीवन में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति, देनदारियों और निवेश का विवरण निर्वाचन आयोग के सामने देना होता है।

इसी जानकारी के आधार पर नेताओं की घोषित संपत्ति का आकलन किया जाता है। ऐसे में नेटवर्थ से जुड़े आंकड़ों को आधिकारिक हलफनामे की तारीख के संदर्भ में समझना जरूरी है।

लंबे समय से केंद्र की राजनीति में सक्रिय हैं धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद हैं और भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वह नरेंद्र मोदी सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल लंबा रहा, जबकि बाद में उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली।

उनके इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस बदलाव के साथ शिक्षा मंत्रालय की आगे की रणनीति पर भी नजर बनी हुई है।

वहीं धर्मेंद्र प्रधान की संपत्ति से संबंधित आंकड़े एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में हैं, लेकिन वास्तविक मौजूदा नेटवर्थ हलफनामे में दर्ज संपत्ति के मूल्य से अलग हो सकती है।

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