उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रणाली के माध्यम से केवल एक बार अपना पंजीकरण कराना होगा।
इसके बाद वही प्रोफाइल आयोग की भविष्य की विभिन्न भर्तियों में उपयोग की जा सकेगी। आयोग का कहना है कि इससे बार-बार आवेदन भरने की आवश्यकता कम होगी और भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनेगी। हालांकि, ओटीआर के दौरान दर्ज की गई जानकारी बाद में बदली नहीं जा सकेगी, इसलिए अभ्यर्थियों को सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में पीईटी स्कोर की वैधता अब तीन वर्ष
आयोग ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, पीईटी का स्कोर अब तीन वर्ष तक वैध रहेगा। इससे उम्मीदवारों को हर वर्ष केवल स्कोर की वैधता समाप्त होने के कारण दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
एक बार अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद अभ्यर्थी तीन वर्षों तक विभिन्न यूपीएसएसएससी भर्तियों में उसी स्कोर के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। इस निर्णय से लाखों प्रतियोगी छात्रों को समय और धन दोनों की बचत होगी तथा भर्ती प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।
अभ्यर्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवारों को प्रत्येक भर्ती के समय व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी बार-बार भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे आवेदन प्रक्रिया तेज होगी और डेटा एंट्री में होने वाली गलतियों की संभावना भी कम होगी। आयोग का मानना है कि ओटीआर प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और आवेदन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बनेगी।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ओटीआर पंजीकरण के समय सभी दस्तावेजों और विवरणों का सही मिलान कर लें, क्योंकि एक बार दर्ज की गई जानकारी में संशोधन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीआर प्रणाली और पीईटी स्कोर की तीन वर्ष की वैधता सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरा कदम है। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और उम्मीदवारों के अनुकूल बनेगी।
आयोग ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाओं के आधार पर ही आवेदन करें तथा किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें। नए नियमों के लागू होने से उत्तर प्रदेश में समूह ‘ग’ की भर्तियों की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद है।
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