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योगी सरकार से किसानों की मांग, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे पर मुआवजे का मुद्दा गरमाया

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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर किसानों की चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े मुद्दों को लेकर किसानों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि विकास परियोजनाओं का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनकी जमीन का उचित मूल्य और न्यायपूर्ण मुआवजा मिलना भी उतना ही आवश्यक है।

किसानों का आरोप है कि जिन दरों पर उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, वे वर्तमान बाजार मूल्य से काफी कम हैं। उनका कहना है कि वर्षों से खेती कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली जमीन ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। ऐसे में यदि भूमि अधिग्रहित की जाती है तो बदले में ऐसा मुआवजा मिलना चाहिए जिससे वे भविष्य में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। किसानों ने मांग की कि मुआवजे की दरों की दोबारा समीक्षा कर उन्हें न्याय दिया जाए।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने यह भी कहा कि कई गांवों के लोगों की समस्याओं पर अब तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन किसानों के साथ नियमित संवाद स्थापित करे ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम या विवाद पैदा न हो। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो परियोजना के कार्य में भी सहयोग किया जाएगा।

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हाल के महीनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को विभिन्न स्वीकृत एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने और सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश भी दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़ी विकास परियोजना की सफलता तभी संभव है जब सरकार और प्रभावित किसानों के बीच भरोसे का माहौल बना रहे। उचित मुआवजा, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर संवाद से न केवल विवाद कम होंगे बल्कि परियोजनाओं का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि किसानों की मांगों पर किस प्रकार का निर्णय लिया जाता है और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए क्या समाधान निकाला जाता है।