लखनऊ के अलीगंज इलाके में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दोनों नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं, ताकि आग लगने की वजह और किसी भी तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके। योगी सरकार का फोकस फिलहाल राहत, इलाज और जांच—इन तीनों मोर्चों पर तेजी से काम करने पर है।
ब्रजेश पाठक भावुक हुए
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जब घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे, तो उनका बेहद भावुक बयान सामने आया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि उन्होंने खुद अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं। मीडिया से बात करते हुए वे भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू भी नजर आए।
उन्होंने कहा कि
“यह हादसा बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।”
ब्रजेश पाठक ने यह भी भरोसा दिलाया कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और प्रशासन को हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे ने उठाए बड़े सवाल
इस अग्निकांड ने एक बार फिर कोचिंग सेंटरों और कमर्शियल इमारतों में फायर सेफ्टी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही साफ होगा। कई छात्रों को जान बचाने के लिए इमारत से कूदना पड़ा, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
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