मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने राज्य सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठकें शुरू की हैं। इन बैठकों में मुख्यमंत्री अलग-अलग विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े मुद्दों की विस्तृत जानकारी ले रहे हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विभाग तय समय सीमा के भीतर अपने लक्ष्यों को पूरा करें और आम लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिले।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से विभागवार रिपोर्ट मांगी और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री का फोकस खासतौर पर उन योजनाओं पर है जिनका सीधा असर ग्रामीण और शहरी जनता पर पड़ता है।
विकास योजनाओं की समीक्षा
बैठकों के दौरान सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि किन योजनाओं का काम समय पर पूरा हो रहा है और किन परियोजनाओं में देरी हो रही है। उन्होंने मंत्रियों से यह भी जानना चाहा कि जनता की शिकायतों का समाधान किस गति से किया जा रहा है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विभागों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने की सलाह दी।
जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित दौरा करें और लोगों की समस्याओं को सीधे सुनें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। सरकार चाहती है कि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान समय पर हो।
बैठकों में कई विभागों के लंबित कार्यों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, योजनाओं की मॉनिटरिंग लगातार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री की ये बैठकें प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने और सरकार की कार्यक्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं। इससे विभागों की जवाबदेही तय होगी और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ भी इसी तरह की समीक्षा बैठकें कर सकते हैं।
