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एमपी कैबिनेट विस्तार से पहले एक्शन मोड में CM मोहन यादव

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मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल काफी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav लगातार अपने मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बैठकें आगामी कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर बेहद अहम हैं। सरकार अब मंत्रियों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है, ताकि जनता के बीच बेहतर प्रदर्शन करने वाले चेहरों को आगे लाया जा सके।

मंत्रियों के कामकाज की हो रही समीक्षा

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हर मंत्री से अलग-अलग मुलाकात कर उनके विभाग की प्रगति, योजनाओं की स्थिति और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। खास तौर पर उन विभागों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है जहां विकास कार्यों की गति धीमी रही है या शिकायतें ज्यादा सामने आई हैं।

सरकार चाहती है कि आगामी चुनावी रणनीति से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। इसी वजह से कई मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन कमजोर माना जाएगा, उनके विभाग बदले जा सकते हैं या कैबिनेट से बाहर भी किया जा सकता है।

नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है। पार्टी संगठन भी चाहता है कि युवा नेताओं और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए टीम तैयार की जाए। इससे सरकार और संगठन दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार की छवि को और मजबूत बनाने के लिए लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं। हाल ही में कई जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा के बाद अब मंत्रियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है।

संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर जोर

राज्य में बीजेपी संगठन भी लगातार सक्रिय है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। इसी वजह से मंत्रियों को जनता के बीच ज्यादा सक्रिय रहने और योजनाओं का असर जमीन पर दिखाने के निर्देश दिए गए हैं।

आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन यादव की लगातार हो रही बैठकों ने प्रदेश की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर सरकार की नई टीम में किसे जगह मिलती है और किस पर गाज गिरती है।