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Mohan Yadav ने लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त जारी की, महिलाओं के खातों में पहुंचे 1835 करोड़ रुपए

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Mohan Yadav ने मध्य प्रदेश की महिलाओं को एक बार फिर बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत 36वीं किस्त जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने 1835 करोड़ रुपए महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इस राशि का लाभ प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को मिला है। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है।

महिलाओं को हर महीने मिलती है आर्थिक सहायता

लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। इस योजना की शुरुआत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत मिलने वाली राशि से महिलाएं घर के छोटे-मोटे खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, जहां कई महिलाओं ने इसे अपने परिवार के लिए सहारा बताया है।

कार्यक्रम में दिखा महिलाओं का उत्साह

किस्त जारी करने के दौरान आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हर महिला आर्थिक रूप से मजबूत बने और परिवार के फैसलों में उसकी भागीदारी बढ़े। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले समय में महिलाओं के लिए नई योजनाएं और सुविधाएं लाने पर काम कर रही है।

सरकार ने योजना को बताया ऐतिहासिक

राज्य सरकार के अनुसार लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सबसे सफल योजनाओं में शामिल हो चुकी है। योजना का फायदा गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं को सीधे तौर पर मिल रहा है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। कई महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए बड़ी मदद साबित हो रही है और इससे आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

हालांकि विपक्ष ने योजना को लेकर सवाल भी उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार चुनावी फायदे के लिए ऐसी योजनाओं का इस्तेमाल कर रही है। वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही हैं। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।