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धर्म और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मुखर हुए योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक बार फिर धर्म और राष्ट्रवाद के मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए अपने राजनीतिक संदेश को स्पष्ट किया है। हाल ही में दिए गए संबोधन में उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर, भारत की सांस्कृतिक विरासत और पोखरण परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसकी आस्था, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी हुई है। योगी ने यह भी कहा कि नया भारत अपनी परंपराओं पर गर्व करता है और दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है।

राम मंदिर को बताया सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उनके अनुसार सदियों के संघर्ष और करोड़ों लोगों की आस्था के बाद बना यह मंदिर देश की एकता और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है। योगी ने कहा कि राम भारतीय जीवन मूल्यों के आदर्श हैं और उनकी मर्यादा पूरे समाज को दिशा देती है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले भारत की सांस्कृतिक पहचान को दबाने की कोशिश की जाती थी, लेकिन अब देश अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है। योगी के अनुसार सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है और इसे कमजोर नहीं किया जा सकता।

पोखरण परमाणु परीक्षण का भी किया जिक्र

अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने 1998 में हुए Pokhran-II परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई थी। उन्होंने कहा कि पोखरण परीक्षण ने साबित किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी दबाव में नहीं झुकता। योगी ने इसे राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत रक्षा, तकनीक और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल केवल तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं और देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास के साथ-साथ राष्ट्रहित और सांस्कृतिक सम्मान को भी प्राथमिकता दे रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा धर्म और राष्ट्रवाद के मुद्दों को फिर से केंद्र में ला रही है। योगी का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।