Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक राज्य को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और औद्योगिक निवेश के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ा आधार
योगी सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सबसे पहले कानून व्यवस्था को मजबूत किया। पहले जिस उत्तर प्रदेश को अपराध और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, वहीं अब बड़े उद्योग समूह निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं ने राज्य की तस्वीर बदल दी है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों को नई गति दी है। साथ ही, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ा है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का दिखा असर
राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने भी निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई। देश और विदेश की कई बड़ी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने की इच्छा जताई। सरकार का दावा है कि कई निवेश प्रस्ताव धरातल पर भी उतर चुके हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है और देश की ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार देने और स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निवेश प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा जमीन पर उतरता है तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी सुधार होगा।
सरकार MSME सेक्टर, कृषि आधारित उद्योग, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर खास फोकस कर रही है। इसके साथ ही डिजिटल गवर्नेंस और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते निवेश को देखकर यह साफ है कि राज्य अब विकास और उद्योग के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
