Posted inमध्यप्रदेश, राजनीति

मोहन यादव के बयान से गरमाई सियासत, केपी यादव की नियुक्ति पर CM हाउस में गूंजे नारे

News on WhatsAppJoin Now

मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब पूर्व सांसद केपी यादव को राज्य खाद्य आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री आवास में उनका सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने केपी यादव की जमकर तारीफ की और ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी।

भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की बड़ी संख्या मौजूद थी। केपी यादव नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री का आभार जताने पहुंचे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से कहा कि “आपकी नियुक्ति का आनंद दोगुना है, क्योंकि हमने दुश्मनों के किले में फतह हासिल की है।” मुख्यमंत्री के इतना कहते ही पूरा हॉल तालियों और नारों से गूंज उठा।

‘दुश्मनों के किले’ वाले बयान पर बढ़ी चर्चा

मुख्यमंत्री के बयान में इस्तेमाल किए गए “दुश्मनों के किले” शब्द ने कुछ समय के लिए माहौल को राजनीतिक रूप से गर्म कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद कई लोग यह समझने की कोशिश करते रहे कि आखिर मुख्यमंत्री का इशारा किस ओर है। बाद में मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि उनका संदर्भ पश्चिम बंगाल और वहां की राजनीति से था। इसके बाद मामला कुछ शांत हुआ, लेकिन सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक संदेश भी छिपा हुआ था। भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है और ओबीसी नेताओं को आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस कर रही है।

सिंधिया को हराकर चर्चा में आए थे केपी यादव

केपी यादव का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प माना जाता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने गुना-शिवपुरी सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उस जीत के बाद उन्हें भाजपा के मजबूत ओबीसी चेहरे के रूप में देखा जाने लगा।

हालांकि बाद में सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन केपी यादव की सक्रियता लगातार बनी रही। अब राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने को पार्टी में उनके बढ़ते महत्व के तौर पर देखा जा रहा है।

भाजपा के लिए अहम मानी जा रही नियुक्ति

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मध्य प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए भाजपा लगातार संगठन और सरकार में संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में केपी यादव को बड़ी जिम्मेदारी देना ओबीसी वर्ग में मजबूत संदेश माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी लगातार संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर केपी यादव और मोहन यादव की जोड़ी चर्चा का विषय बन गई है।