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भोपाल को मिली नई पहचान, CM मोहन यादव ने किया 73 करोड़ के ‘अटल भवन’ का लोकार्पण

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को गुरुवार को एक बड़ी सौगात मिली, जब मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने नगर निगम के नए मुख्यालय ‘अटल भवन’ का लोकार्पण किया। करीब 73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह आधुनिक भवन भोपाल नगर निगम का नया प्रशासनिक केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने इसे सुशासन, पारदर्शिता और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का प्रतीक बताया।

ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर बना आधुनिक भवन

भोपाल के तुलसी नगर क्षेत्र में बने इस भवन को ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट के आधार पर डिजाइन किया गया है। इसमें प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि ऊर्जा की बचत हो सके। भवन लगभग दो लाख वर्गफुट क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें ग्राउंड फ्लोर सहित आठ मंजिलें हैं। यहां नगर निगम के लगभग सभी विभागों को एक ही परिसर में स्थान दिया गया है, जिससे आम लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की सोच से प्रेरित होकर इस भवन का नाम ‘अटल भवन’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह भवन जनता के लिए सुगम, पारदर्शी और बेहतर सेवाओं का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छता संकल्प बोर्ड पर “भोपाल हमेशा स्वच्छता में नंबर वन रहेगा” संदेश भी लिखा।

सोलर प्रोजेक्ट और आधुनिक सुविधाओं पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नीमच जिले के देवरी गांव में तैयार 10.5 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गई है। बताया गया कि अटल भवन में सोलर एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है।

भवन में नागरिक सुविधा केंद्र, टैक्स काउंटर, विवाह पंजीकरण, जनसंपर्क विभाग, स्मार्ट सिटी सेल, स्वास्थ्य सेवाएं और पार्क प्रबंधन जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नगर निगम की महापौर मालती राय ने कहा कि नया मुख्यालय भोपाल की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

लागत बढ़ने पर विपक्ष ने उठाए सवाल

हालांकि इस परियोजना को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्ष ने भवन की लागत 44 करोड़ रुपये से बढ़कर 73 करोड़ रुपये होने पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने अतिरिक्त खर्च को लेकर पारदर्शिता की मांग की है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त राशि आधुनिक सुविधाओं, फर्नीचर, सीसीटीवी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हुई है।

कुल मिलाकर, अटल भवन को भोपाल के शहरी विकास और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।