उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वर्ष 2026 में एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह अभियान न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस मेगा पौधरोपण अभियान का उद्देश्य प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करना और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। सरकार इस अभियान को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआंदोलन के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके तहत आम नागरिकों, छात्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश की है। आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों में पौधरोपण को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि हर व्यक्ति इस मिशन का हिस्सा बन सके।
राज्य सरकार ने पौधों की गुणवत्ता और उनकी उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश में हजारों नर्सरियों के माध्यम से करोड़ों पौधों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, आधुनिक तकनीकों जैसे जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड और मोबाइल ऐप के जरिए पौधों की निगरानी की जाएगी, ताकि उनकी जीवितता सुनिश्चित हो सके।
पिछले वर्षों में भी उत्तर प्रदेश ने वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 2017 से 2025 के बीच राज्य में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे वन और हरित क्षेत्र में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार ने 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में गंगा एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख सड़कों और नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह अभियान उत्तर प्रदेश को ‘ग्रीन स्टेट’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि जनभागीदारी इसी तरह बनी रही, तो यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी।
