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यूपी में प्रशासनिक ‘मिडनाइट सर्जरी’: 40 IAS अफसरों का तबादला

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उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए देर रात 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस अचानक हुए फेरबदल ने राज्य की नौकरशाही में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि इस ट्रांसफर लिस्ट में 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी शामिल हैं, जिन्हें बदल दिया गया है।

इस बड़े बदलाव को सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। देर रात जारी आदेश में कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई।

जिलों में बड़े स्तर पर बदलाव

इस फेरबदल में आठ जिलों के डीएम को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया, जबकि सात अधिकारियों को पहली बार डीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई।

नई नियुक्तियों में ब्रजेश कुमार, आलोक यादव, अभिषेक गोयल, इंद्रजीत सिंह, अन्नपूर्णा गर्ग, नितिन गौड़ और सरनीत कौर जैसे अधिकारियों को पहली बार जिलों की कमान दी गई है।

इसके अलावा झांसी, आगरा, सहारनपुर, उन्नाव, रायबरेली और लखीमपुर खीरी जैसे अहम जिलों में भी नए डीएम तैनात किए गए हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर नई ऊर्जा और गति लाना चाहती है।

वरिष्ठ स्तर पर भी बड़े फैसले

केवल जिलों तक ही सीमित नहीं, बल्कि राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया, जबकि आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को प्रमोट कर देवीपाटन मंडल का आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा ऊर्जा, पर्यटन, शिक्षा और सामाजिक कल्याण जैसे विभागों में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर तबादले सरकार की ‘परफॉर्मेंस आधारित प्रशासन’ की नीति को दर्शाते हैं। सरकार समय-समय पर अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा कर उन्हें नई जिम्मेदारियां देती रहती है, जिससे प्रशासन में जवाबदेही बनी रहती है।

यह भी माना जा रहा है कि आगामी चुनावों और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। जिलों में नए डीएम की नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, यह फेरबदल केवल तबादला नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में राज्य के शासन और विकास पर साफ दिखाई दे सकता है।