उत्तर प्रदेश की योगी (Yogi Adityanath) सरकार द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप Puch AI के साथ किया गया 25,000 करोड़ रुपये का समझौता (MoU) अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह फैसला उस समय लिया गया जब कंपनी की वित्तीय क्षमता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे।
क्यों रद्द किया गया समझौता?
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि MoU की समीक्षा के दौरान Puch AI आवश्यक वित्तीय दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं करा सकी। जांच (ड्यू डिलिजेंस) में यह भी सामने आया कि कंपनी के पास इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पर्याप्त नेटवर्थ और भरोसेमंद फंडिंग नहीं है।
इसी के चलते सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए इस समझौते को रद्द कर दिया.
क्या था इस डील का उद्देश्य?
यह MoU 23 मार्च 2026 को साइन किया गया था, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को AI हब के रूप में विकसित करना था। इसके तहत AI पार्क, बड़े डेटा सेंटर, AI कॉमन्स प्लेटफॉर्म और एक AI यूनिवर्सिटी स्थापित करने की योजना थी।
सरकार का मानना था कि इससे प्रदेश में टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर लोगों ने Puch AI की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए। सामने आया कि यह कंपनी महज एक साल पुरानी है और इसका कारोबार भी काफी छोटा है।
इसके बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा और इस फैसले को बिना जांच-परख के लिया गया कदम बताया।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को देनी पड़ी सफाई
मामला बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने स्पष्ट किया कि MoU कोई अंतिम समझौता नहीं होता, बल्कि यह केवल एक प्रारंभिक प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी निवेश को अंतिम रूप देने से पहले पूरी जांच की जाती है।
सरकार का सख्त संदेश
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी बड़े निवेश समझौते से पहले कंपनियों की पूरी जांच-पड़ताल की जाए।
यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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