उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है। सरकार का यह रुख अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हाल के बयानों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, दबंगई या कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अधिकारियों और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के खिलाफ तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून को चुनौती देता है, तो उसे कानून के दायरे में रहकर कड़ी सजा दी जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस नीति के कारण प्रदेश में अपराध दर में कमी आई है और लोगों के भीतर सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। ‘रूल ऑफ लॉ’ यानी कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है।
गरीबों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर जोर
सीएम योगी ने विशेष रूप से यह भी कहा कि गरीबों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण बिना भेदभाव के किया जाए और जरूरतमंदों को तुरंत सहायता मिले।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी का इलाज नहीं रुकेगा और जरूरत पड़ने पर सरकार मदद करेगी।
‘राम राज्य’ की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के चलते उत्तर प्रदेश ‘राम राज्य’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल भी सुधरा है और राज्य में विकास की गति तेज हुई है।
जनता से सीधा संवाद और जवाबदेही
जनता दर्शन जैसे कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री सीधे लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दे रहे हैं। इससे प्रशासन में जवाबदेही बढ़ी है और लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
