उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां भट्ठी (मिट्टी के बर्तन पकाने की भट्ठी) से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते तीन कुम्हार परिवारों के घरों को आग की चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरा सामान जलकर राख हो गया।
तीन परिवार हुए बेघर
इस भीषण आगजनी में तीन कुम्हार परिवार पूरी तरह बेघर हो गए। उनके कच्चे मकान और छप्पर आग की लपटों में घिर गए, जिससे घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और रोजमर्रा का सामान सब कुछ नष्ट हो गया। पीड़ित परिवारों के सामने अब रहने और खाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
कार्यक्रम के बाद घर में लगाई गई थी भट्ठी
बताया जा रहा है कि हाल ही में एक सरकारी कार्यक्रम के चलते भट्ठी को पहले हटवाया गया था। बाद में कुम्हारों ने उसे अपने घर के पास ही दोबारा स्थापित कर लिया। इसी भट्ठी से निकली चिंगारी ने छप्पर को आग पकड़वा दी, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते या उचित दिशा-निर्देश दिए गए होते, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
मदद और मुआवजे की मांग
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मदद और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह से मिट्टी के बर्तन बनाने पर निर्भर थी, जो अब इस आग में नष्ट हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने भी सरकार से तुरंत राहत पहुंचाने की अपील की है।
जीवन फिर से बसाने की चुनौती
यह घटना न केवल आर्थिक नुकसान, बल्कि पीड़ित परिवारों के लिए भावनात्मक आघात भी लेकर आई है। अब उनके सामने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है। प्रशासन ने जांच और सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल प्रभावित परिवार राहत की उम्मीद में हैं।
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