उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खासकर गोवर्धन क्षेत्र में तेज बारिश और ओलों ने खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा से परेशान किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
मथुरा के ग्रामीण इलाकों में अचानक आई तेज बारिश के साथ ओले गिरने से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई खेतों में फसल पूरी तरह गिर गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय रबी फसल कटाई के करीब होती है, ऐसे में ओलावृष्टि और बारिश सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। देश के कई हिस्सों में भी इसी तरह के मौसम ने फसलों को प्रभावित किया है।
गोवर्धन क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
गोवर्धन और आसपास के गांवों में हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई। खेतों में पानी भरने और ओलों की मार से उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा है।
कई किसानों ने बताया कि उनकी फसल 70-80 प्रतिशत तक खराब हो चुकी है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों की मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तुरंत सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो आर्थिक संकट और गहरा जाएगा।
ऐसे मामलों में आमतौर पर सरकार सर्वे के बाद मुआवजा देती है, जिसमें बीमा कंपनियां और राजस्व विभाग भी शामिल होते हैं।
सरकार और प्रशासन की भूमिका
हाल ही में प्रदेश सरकार ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का तुरंत आकलन किया जाए और किसानों को जल्द राहत दी जाए।
प्रशासनिक स्तर पर भी स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
