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केनेसट में गूंजा ‘नमस्ते-शालोम’: पीएम मोदी के इज़राइल दौरे में मिसाइल डील और रणनीतिक साझेदारी पर बड़ा संदेश

PM Modi Israel
केनेसट में गूंजा ‘नमस्ते-शालोम’: पीएम मोदी के इज़राइल दौरे में मिसाइल डील और रणनीतिक साझेदारी पर बड़ा संदेश
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तेल अवीव – भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल की संसद केनेसट को संबोधित करते हुए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संदेश दिया। यह भारत के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा इज़रायल संसद में दिया गया पहला भाषण है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान मिली है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत शालोम और नमस्ते से की और 140 करोड़ भारतीयों की तरफ से मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत और इज़राइल के बीच सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि भाईचारे जैसा संबंध है। साथ ही, उन्होंने इज़रायल पर 7 अक्टूबर के वेदना-जनक हमलों में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना भी जताई।

आतंकवाद, शांति और वैश्विक भूमिका

मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद कहीं भी हो, शांति और स्थिरता के लिए खतरा है। उन्होंने भारत के अनुभव का हवाला देते हुए 26/11 मुंबई हमलों का भी उल्लेख किया और कहा कि आतंकवाद को कभी भी जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।

साथ ही, उन्होंने गाजा पट्टी के हालात और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की शांति पहल का समर्थन करते हुए कहा कि भारत क्षेत्र में स्थिरता और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की दिशा में काम करता रहेगा।

PM मोदी की इसराइल में रक्षा, तकनीकी सहयोग और मिसाइल डील

दौरान प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के मुख्य एजेंडों में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना शामिल है। भारत इज़राइल की उन्नत रक्षा तकनीकों जैसे आयरन डोम और दुश्मन के ड्रोन/रॉकेट खतरों से बचने वाली टेक्नोलॉजी में रूचि रखता है।

ख़ास बात यह भी है कि भारत और इज़राइल सुरक्षा समझौते, मिसाइल तकनीक और रणनीतिक रक्षा साझेदारी को अपडेट करने पर चर्चा कर रहे हैं। मोदी के दौरे के दौरान संभावित रक्षा डील और तकनीक साझेदारी पर भी बातचीत हुई, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र की साझेदारी और गहरी होगी।

सम्मान और कूटनीति की मिसाल

संसद में संबोधन के बाद पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द केनेसट मेडल’ से नवाज़ा गया, जो भारत-इज़राइल संबंधों को प्रोत्साहन देने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया एक सर्वोच्च सम्मान है। इस कार्यक्रम में नेतन्याहू समेत कई इज़राइली नेताओं ने मोदी का स्वागत किया।

यह यात्रा भारत-इज़राइल के बीच राजनीतिक, सामरिक और आर्थिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जो दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों और सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करेगी।

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