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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत दौरे पर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन मुद्दों पर करेंगे बात

Mark Carney and PM Narendra Modi
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत दौरे पर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन मुद्दों पर करेंगे बात
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भारत और कनाडा अपने कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को एक नए दशक में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) 26 फरवरी 2026 से भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं, जहाँ वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाक़ात करेंगे। उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच पुराने तनावों को पीछे छोड़कर संबंधों को फिर से मजबूत करने का संकेत माना जा रहा है।

Mark Carney के दौरे का उद्देश्य और एजेंडा

मार्क कार्नी (Mark Carney) की यह यात्रा वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच भारत-कनाडा रिश्तों की नई दिशा तय करने का एक अहम अवसर है। यह दौरा भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान का तीन-देशीय दौरे का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है।

मार्क कार्नी (Mark Carney) मुंबई और नई दिल्ली में बैठकें करेंगे, जहाँ वे प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। दोनों नेता विशेष रूप से व्यापार समझौतों, सुरक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारियों और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

कनाडाई सरकार के बयान के अनुसार, इस दौरे का लक्ष्य वाणिज्यिक संबंधों को विस्तारित करना और दोनों देशों के बीच साझेदारी को एक उच्च स्तर पर ले जाना है। इसके अंतर्गत कनाडा-भारत व्यापार समझौता (CEPA) पर भी बातचीत को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने की दिशा में कदम उठाए जा सकें।

भारत और कनाडा के रिश्ते में आ सकता है सुधार

भारत-कनाडा के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में तनाव देखने को मिला था, मुख्य रूप से 2023 में उभरे कूटनीतिक मतभेदों के कारण। दोनों देशों ने राजनयिक स्तर पर तनाव का अनुभव किया और कई मुद्दों पर मतभेद रहे।

हालांकि मार्क कार्नी (Mark Carney) के नेतृत्व में कनाडा ने अब भारत के साथ संबंधों को फिर से सुधारने का प्रयास शुरू किया है, और 2025 में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद एवं सहयोग योजना पर सहमति बनी है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों नीतिगत निर्णयों में एक संतुलित और सकारात्मक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कार्नी ने पहले भी भारत के प्रधानमंत्री मोदी से कई बार मुलाक़ात की है, जिसमें दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक एवं सुरक्षा जैसे प्राथमिकताओं पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

संभावित समझौतों और सहयोग

कार्नी की यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में समझौते किए जाने की उम्मीद है जिनमें शामिल हैं:

व्यापार और निवेश समझौते – CEPA पर नए दृष्टिकोण और व्यापार विस्तार

ऊर्जा और परमाणु सहयोग – यूरेनियम आपूर्ति और अन्य ऊर्जा साझेदारियाँ

तकनीक और AI सहयोग – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी विकास क्षेत्र में साझेदारी

रक्षा और सुरक्षा संबंध – रणनीतिक साझेदारी और सामरिक सहयोग के अवसर

इन समझौतों से न सिर्फ आर्थिक सहयोग बढ़ेगा बल्कि दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों को भी अधिक अवसर मिलेंगे।

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