Bangladesh: आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 (ICC U-19 World Cup 2026) खेला जा रहा है. भारत और बांग्लादेश (IND vs BAN) का मुकाबला कल लीग मैच में हुआ, जहां टॉस हारकर भारतीय टीम (Team India) को पहले बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा. टीम इंडिया ने बेहद खराब बल्लेबाजी की और वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) एवं विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंदु (Abhigyan Kundu( की बदौलत भारतीय टीम ने 238 रन बनाए.
इसके बाद भारतीय टीम ने इस लक्ष्य का बचाव किया और बांग्लादेश (Bangladesh Cricket Team) को 18 रनों से हराकर सुपर 6 में अपनी जगह पक्की की. हालांकि इस मैच से पहले एक बड़ा विवाद हुआ, इस पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board) ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है.
Bangladesh ने किया भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे का अपमान
टॉस के लिए जब दोनों टीमें मैदान में आई तो भारत के तरफ से कप्तान आयुष म्हात्रे (Ayush Mhatre) टॉस के लिए उतरे, लेकिन बांग्लादेश के लिए उनके कप्तान की जगह उपकप्तान टॉस के लिए आए. इसके बाद बांग्लादेश (Bangladesh Cricket Team) के उपकप्तान ने न तो टॉस से पहले और न ही टॉस के बाद भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे से हाथ मिलाया, जो भारतीय कप्तान के लिए किसी अपमान से कम नही था.
बांग्लादेश (Bangladesh Cricket Team) के कप्तान के इस हरकत का आयुष म्हात्रे ने बखूबी जवाब दिया और बांग्लादेशी उपकप्तान से हाथ नही मिलाया, यहाँ तक कि बांग्लादेश को हराने के बाद भी आयुष म्हात्रे और टीम इंडिया ने बांग्लादेश के खिलाड़ियों के साथ हाथ नही मिलाया अब इस मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने चुप्पी तोड़ी है.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बताया क्यों नही मिलाया भारतीय कप्तान से हाथ
बांग्लादेश के उप कप्तान ने जब भारतीय कप्तान से टॉस के दौरान हाथ नही मिलाया तो ये मामला काफी बढ़ गया. इसके बाद मैच के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है और ऐसा होने के पीछे की वजह बताई है.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले में कहा कि
“विरोधी टीम (भारत) के प्रति कोई असभ्यता या अनादर दिखाने का इरादा नहीं था. नियमित कप्तान अजीजुल हकीम बीमार थे, इसलिए टॉस के लिए नहीं आए और उप कप्तान जवाद अबरार मौजूद थे. बोर्ड ने साफ किया कि विरोधी कप्तान से हाथ नहीं मिलाने की घटना पूरी तरह से अनजाने में हुई और बस ध्यान भटकने की वजह से ऐसा हुआ. विरोधी टीम के प्रति कोई अनादर या असभ्यता दिखाने का मकसद नहीं था.”
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले में आगे कहा कि
“हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं.”
