उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ‘80-20’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर एआईएमआईएम ने पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में कहा था कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर ‘80-20’ की लड़ाई दिखाई दे रही है। उन्होंने 80 फीसदी को एनडीए और 20 फीसदी को पीडीए से जोड़ा।
राज्यसभा चुनाव से विधानसभा चुनाव तक
मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में आयोजित ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए राज्यसभा चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव ने विधानसभा चुनाव के संभावित परिणाम का संकेत दिया है। इसके बाद उन्होंने ‘80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए’ वाली बात कही। यह बयान अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
AIMIM नेता शेख ताहिर का पलटवार
मुख्यमंत्री के बयान पर एआईएमआईएम के मध्य उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की बात शोभा नहीं देती। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश के होते हैं और उन्हें 80 या 20 प्रतिशत के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।
‘मुख्यमंत्री 100 फीसदी जनता के हैं’
शेख ताहिर सिद्दीकी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 80 फीसदी नहीं, बल्कि प्रदेश की 100 फीसदी जनता के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी हिस्से को अलग करके राजनीतिक समीकरण की बात करना संविधान की भावना के अनुरूप कैसे माना जा सकता है। एआईएमआईएम नेता ने कहा कि देश के निर्माण में सभी समुदायों की भूमिका रही है।
सरकार पर लगाए कई आरोप
AIMIM नेता ने अपने बयान में सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े धार्मिक स्थलों और संस्थानों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। ये आरोप शेख ताहिर सिद्दीकी की ओर से लगाए गए हैं और इन पर सरकार की ओर से अलग प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।
चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा बयान
शेख ताहिर ने मुख्यमंत्री के बयान को आगामी चुनाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर ‘80-20’ जैसे राजनीतिक मुद्दों को उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को प्रदेश के सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। AIMIM की ओर से इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री की राजनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
इस विवाद के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के भाषण का एक छोटा वीडियो साझा करते हुए सरकार पर पीडीए के उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस तरह ‘80-20’ का मुद्दा भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ेगा राजनीतिक तापमान
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के बाद नेताओं के बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी का ‘80-20’ वाला बयान और उस पर AIMIM तथा सपा की प्रतिक्रिया आने वाले चुनावी माहौल में सामाजिक समीकरण, पीडीए और एनडीए जैसे मुद्दों पर बहस को और तेज कर सकती है।
