उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक बार फिर “डबल इंजन सरकार” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और अधिकार पहुंचाना है। लखीमपुर खीरी में भूमि स्वामित्व अधिकार वितरण कार्यक्रम से पहले उन्होंने इस पहल को गरीब, वंचित और विस्थापित परिवारों के सम्मान से जोड़ा।
डबल इंजन सरकार का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की संयुक्त “डबल इंजन सरकार” का उद्देश्य विकास को तेज गति देना और हर जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही असली लक्ष्य है।
भूमि अधिकार: सम्मान और सुरक्षा की दिशा में कदम
लखीमपुर खीरी में 331 बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र दिए जाने की प्रक्रिया को मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से ये परिवार बिना कानूनी अधिकार के जीवन बिता रहे थे, लेकिन अब उन्हें स्थायी पहचान और सुरक्षा मिलेगी। यह पहल सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाती है।
विकास परियोजनाओं की सौगात
इस कार्यक्रम के साथ ही 213 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया, जिनकी कुल लागत लगभग 417 करोड़ रुपये बताई गई है। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, सड़क, आवास और अन्य सुविधाओं को मजबूत करेंगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का प्रयास है कि “पंक्ति के अंतिम व्यक्ति” तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। यह सोच “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत को मजबूत करती है।
