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सीएम Yogi Adityanath ने 250 इलेक्ट्रिक कूड़ा वाहनों को दिखाई हरी झंडी, पिछली सरकारों पर साधा निशाना

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सीएम Yogi Adityanath ने 250 इलेक्ट्रिक कूड़ा वाहनों को दिखाई हरी झंडी, पिछली सरकारों पर साधा निशाना
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने लखनऊ में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 250 इलेक्ट्रिक और CNG आधारित कूड़ा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाई। यह पहल शहर को स्वच्छ, स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य अब पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक और टिकाऊ शहरी प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है।

Yogi Adityanath ने कहा 250 ग्रीन वाहनों से कूड़ा प्रबंधन को मजबूती

इन नए वाहनों को लखनऊ नगर निगम के तहत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए लगाया गया है। इससे शहर के सभी वार्डों में कूड़ा उठान की व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।

सरकार का मानना है कि इन वाहनों के जुड़ने से न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि उन इलाकों में भी नियमित कलेक्शन संभव होगा जहां पहले यह व्यवस्था कमजोर थी।

‘जीरो वेस्ट से जीरो कार्बन’ की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस पहल को ‘Zero Waste to Zero Carbon Emissions’ के लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों का उपयोग प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

यह पहल राज्य की ‘ग्रीन मोबिलिटी’ नीति का हिस्सा है, जिसमें शहरी विकास को पर्यावरण के साथ संतुलित करने पर जोर दिया जा रहा है।

‘पॉलिटिकल कचरा’ बयान और स्वच्छता पर जोर

इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में “पॉलिटिकल कचरा” था, जिसके कारण व्यवस्था और सोच दोनों प्रभावित थीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में हुए बदलाव के कारण लखनऊ अब देश के सबसे साफ शहरों में शामिल हो गया है।

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि बेहतर कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छता अभियानों के चलते डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर भी नियंत्रण में मदद मिली है।

डीजल वाहनों से दूरी, आधुनिक तकनीक पर फोकस

लखनऊ नगर निगम अब धीरे-धीरे डीजल वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक और CNG विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। इससे ईंधन खर्च में कमी आएगी और प्रदूषण भी घटेगा।

नई व्यवस्था से शहर के नए विस्तार वाले क्षेत्रों में भी सफाई सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और संचालन में दक्षता आएगी।

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