उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल इलाज आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारी से बचाव (प्रिवेंशन) पर केंद्रित मॉडल अपनाना समय की जरूरत है।
लाइफस्टाइल बीमारियां बनीं बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
इलाज के साथ प्रिवेंशन पर जोर
CM Yogi Adityanath ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल इलाज तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने “प्रिवेंशन और ट्रीटमेंट दोनों” को साथ लेकर चलने की जरूरत बताई। उनका मानना है कि लोगों को जागरूक कर, स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करके ही इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व
मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और योग जैसी आदतें पहले से ही हमारे जीवन का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों को अपनाकर आज की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटा जा सकता है। इसके लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि लोग खुद अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनें।
भविष्य की स्वास्थ्य नीति का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का भविष्य “प्रिवेंशन आधारित मॉडल” पर ही निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अगर देश को लंबे समय तक स्वस्थ और उत्पादक बनाना है, तो चिकित्सा प्रणाली को जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती रोकथाम पर अधिक ध्यान देना होगा।
