उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लखनऊ शहर में कूड़ा प्रबंधन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। इसके तहत नगर निगम को 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहन दिए जाएंगे, जो शहर में कचरा संग्रहण और निस्तारण को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य राजधानी के सभी वार्डों में 100% कचरा संग्रहण सुनिश्चित करना और शहर को स्वच्छ, स्मार्ट और ग्रीन बनाना है।
110 वार्डों में होगा पूरा कचरा संग्रहण
नई व्यवस्था के तहत लखनऊ के सभी 110 वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। नगर निगम पहले से ही व्यापक सिस्टम पर काम कर रहा है, जिसमें कचरे के संग्रहण, परिवहन और प्रोसेसिंग की निगरानी की जाती है।
इन नए वाहनों के जुड़ने से कलेक्शन की गति बढ़ेगी और शहर के हर हिस्से तक सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंच सकेंगी।
डीजल वाहनों की जगह लेंगे इलेक्ट्रिक वाहन
सरकार का फोकस अब डीजल आधारित वाहनों को धीरे-धीरे हटाकर इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को बढ़ावा देने पर है। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन पारंपरिक वाहनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं और ऊर्जा दक्षता भी अधिक होती है, जिससे शहरों में प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलती है।
Yogi Adityanath का ‘जीरो वेस्ट-जीरो कार्बन’ लक्ष्य की ओर कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस पहल को ‘जीरो वेस्ट से जीरो कार्बन’ लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह योजना न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगी बल्कि सतत विकास (Sustainable Development) के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल से लखनऊ को एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है, जो देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण बनेगा।
Yogi Adityanath के इस पहल से रोजगार और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही ‘वेस्ट टू वेल्थ’ यानी कचरे से संसाधन बनाने की दिशा में भी काम तेज होगा।
इससे न केवल शहर साफ होगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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