उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से ‘चलो स्कूल अभियान’ का दूसरा चरण शुरू होगा। इस अभियान का उद्देश्य केवल नए बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हर बच्चा नियमित रूप से विद्यालय पहुंचे और पढ़ाई से जुड़ा रहे। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की है।
शिक्षकों और अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बच्चे की सफलता केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि इसमें अभिभावकों और शिक्षकों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे कक्षाओं को रोचक और आकर्षक बनाएं ताकि बच्चे स्कूल आने के लिए उत्साहित रहें। खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाई जा सकती है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।
केवल अंक नहीं, मेहनत भी हो पहचान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों का मूल्यांकन केवल परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार किसी बच्चे की लगन, अनुशासन, मेहनत और सीखने की इच्छा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि माता-पिता बच्चों को प्रोत्साहित करेंगे और उनकी शिक्षा पर लगातार ध्यान देंगे, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य
‘चलो स्कूल अभियान’ का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन हो और पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति भी बनी रहे। इसके लिए शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और समाज के अन्य लोगों की संयुक्त भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
शिक्षा से ही बनेगा मजबूत भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेगा तो उत्तर प्रदेश का भविष्य और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। नियमित शिक्षा ही बच्चों को बेहतर अवसर प्रदान करेगी और प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत नींव रखेगी।
