उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आजमगढ़ दौरे के दौरान दुग्ध विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन किया। इस डेयरी (दुग्ध अवशीतन केंद्र) के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह केंद्र दूध के संग्रहण, संरक्षण और विपणन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेंगी। खास बात यह है कि इस योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा।
महिलाओं और किसानों के लिए बड़ा अवसर
इस डेयरी परियोजना से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, हजारों महिला दुग्ध उत्पादक इससे लाभान्वित होंगी। गांव स्तर पर दूध संग्रहण की व्यवस्था पहले से बेहतर होगी और किसानों को उचित मूल्य भी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उन्होंने “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
आजमगढ़ की बदली छवि पर जोर
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने भाषण में आजमगढ़ की बदलती छवि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले इस जिले की पहचान नकारात्मक रूप में की जाती थी, लेकिन अब विकास कार्यों के चलते यहां की छवि तेजी से बदल रही है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने पूर्वांचल क्षेत्र की अनदेखी की, जबकि वर्तमान सरकार ने सड़क, एक्सप्रेसवे, उद्योग और कृषि जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास को गांव-गांव तक पहुंचाना है। डेयरी उद्योग को बढ़ावा देकर सरकार न सिर्फ रोजगार सृजित कर रही है, बल्कि किसानों की आय को भी दोगुना करने की दिशा में काम कर रही है।
इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
