Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को बड़ी सौगात देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। नई व्यवस्था के तहत पात्र होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार का मानना है कि इस फैसले से होमगार्ड कर्मियों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उनके परिवारों का स्वास्थ्य संरक्षण मजबूत होगा।
सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगा लाभ
नई योजना के अनुसार लाभार्थी आयुष्मान भारत से जुड़े सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होकर कैशलेस उपचार करा सकेंगे। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा।
इससे इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को पहले भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनेगी।
CM Yogi Adityanath ने कहा सरकार उठाएगी पूरा वित्तीय खर्च
इस योजना के संचालन के लिए सरकार प्रति होमगार्ड स्वयंसेवक एवं अवैतनिक अधिकारी लगभग 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम वहन करेगी। योजना पर राज्य सरकार का अनुमानित वार्षिक व्यय करीब 35.5 करोड़ रुपये होगा।
इस सुविधा का लाभ प्रदेश के हजारों होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को मिलेगा। यह निर्णय पिछले वर्ष होमगार्ड दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मनोबल बढ़ाने की दिशा में अहम पहल
होमगार्ड विभाग राज्य में कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का यह निर्णय उनके मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले कर्मियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
नई कैशलेस चिकित्सा योजना से होमगार्ड परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और आकस्मिक चिकित्सा खर्च का बोझ काफी हद तक कम होगा।
