उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गौ संरक्षण और सेवा को लेकर एक अहम पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जो लोग गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस दिशा में प्रेरित करना है।
स्ट्रॉ बैंक’ बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में ‘स्ट्रॉ बैंक’ (पराली/भूसा भंडारण केंद्र) बनाए जाएं। इससे गौशालाओं में रहने वाले पशुओं को सालभर पर्याप्त चारा मिल सकेगा।
स्ट्रॉ बैंक के जरिए किसानों की पराली का सही उपयोग भी होगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी और गौशालाओं की चारा समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा। यह कदम खेती और पशुपालन दोनों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
गौशालाओं में CCTV निगरानी अनिवार्य
योगी आदित्यनाथ ने गौशालाओं की बेहतर निगरानी के लिए वहां CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे गौशालाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पशुओं की देखभाल की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से लापरवाही और अनियमितताओं पर रोक लगेगी, जिससे गौ संरक्षण व्यवस्था मजबूत होगी।
जनभागीदारी से मजबूत होगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गौशालाओं से जुड़ें और पशुओं की देखभाल में योगदान दें। राज्य सरकार पहले से ही निराश्रित गोवंश के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें पशुओं की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी शामिल है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भी लाभ
गौ सेवा से जुड़े ये प्रयास केवल धार्मिक या सामाजिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। गोबर और गोमूत्र से जैविक खेती, बायोगैस और अन्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
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