उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 9 साल पूरे होने पर सरकार अपनी उपलब्धियों और बदलावों को जनता के सामने रख रही है। इस मौके पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” नामक पुस्तक भी जारी की गई, जिसमें राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।
पहचान के संकट से विकास मॉडल तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश “पहचान के संकट” से जूझ रहा था। कानून-व्यवस्था कमजोर थी, निवेश का माहौल नहीं था और युवाओं के सामने रोजगार के सीमित अवसर थे। लेकिन पिछले 9 वर्षों में राज्य ने सुरक्षा, सुशासन और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
कानून-व्यवस्था में सुधार
सरकार का दावा है कि अपराध और माफिया पर सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाया गया, साइबर थानों की स्थापना हुई और सुरक्षा तंत्र मजबूत हुआ। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज हुईं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी
इन 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य अब देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बनता जा रहा है। साथ ही, जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण
सरकार के अनुसार, 9 साल में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं को भी अवसर मिला। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
किसानों और गरीबों के लिए योजनाएं
कृषि क्षेत्र में एमएसपी, सिंचाई सुविधाओं और गन्ना किसानों के भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, गरीबों के लिए आवास, राशन और अन्य योजनाओं के जरिए जीवन स्तर सुधारने का प्रयास किया गया।
आगे की राह
सरकार ने 9 साल पूरे होने पर जनसंपर्क अभियान भी शुरू किया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
