भारतीय क्रिकेट में जब भी महान बल्लेबाजों की चर्चा होती है, तो सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और विराट कोहली (Virat Kohli) का नाम सबसे पहले आता है। दोनों ने अपने बल्ले से ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि, वनडे क्रिकेट के आंकड़े देखें तो विराट कोहली कई अहम मामलों में सचिन से आगे निकल चुके हैं।
उनके नाम सचिन से ज्यादा वनडे शतक हैं और बल्लेबाजी औसत भी काफी बेहतर है। लेकिन क्या सिर्फ इन आंकड़ों के आधार पर विराट को सचिन से बेहतर बल्लेबाज माना जा सकता है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए दोनों के रिकॉर्ड के साथ उनके दौर और भूमिका को भी समझना जरूरी है।
शतकों के मामले में Virat Kohli ने रचा इतिहास
वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड अब विराट कोहली (Virat Kohli) के नाम है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपना दबदबा कायम किया। विराट के नाम अब 55 वनडे शतक दर्ज हैं, जबकि सचिन ने अपने करियर में 49 शतक लगाए थे।
विराट कोहली (Virat Kohli) की सबसे बड़ी ताकत दबाव में बल्लेबाजी करना और लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत दिलाना है। वह कई बार मुश्किल परिस्थितियों में मैदान पर उतरे और अपनी पारियों से भारत को जीत तक पहुंचाया। उनका बल्लेबाजी औसत भी सचिन से काफी बेहतर है। विराट ने वनडे में 58 से ज्यादा के औसत से रन बनाए हैं, जबकि सचिन का औसत 44.83 रहा था।
इन आंकड़ों के आधार पर विराट को वनडे क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में गिना जाना पूरी तरह जायज है।
रनों के पहाड़ में सचिन अब भी आगे
शतकों और औसत में विराट भले ही आगे हों, लेकिन कुल रनों के मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड अब भी बरकरार है। सचिन ने 463 वनडे मुकाबलों में 18,426 रन बनाए थे। वहीं विराट ने अपने वनडे करियर में 15 हजार से ज्यादा रन पूरे कर लिए हैं। सचिन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने लगभग दो दशक तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने ऐसे दौर में बल्लेबाजी की, जब आधुनिक क्रिकेट जैसी कई सुविधाएं और नियम मौजूद नहीं थे। दूसरी ओर, विराट कोहली (Virat Kohli) ने फिटनेस, आक्रामक बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा करने की कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसलिए दोनों के आंकड़ों को केवल एक-दूसरे के सामने रखकर फैसला करना आसान नहीं है।
दो अलग दौर के दिग्गजों की तुलना कितनी सही?
सचिन और विराट दोनों की अपनी अलग पहचान है। सचिन ने भारतीय क्रिकेट को उस दौर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जब उनसे देश की करोड़ों उम्मीदें जुड़ी थीं। वहीं विराट ने आधुनिक वनडे क्रिकेट में निरंतरता और रन चेज करने की क्षमता का नया उदाहरण पेश किया।
अगर बात वनडे में शतकों और औसत की हो, तो विराट कोहली (Virat Kohli) का पलड़ा भारी दिखाई देता है। लेकिन कुल रनों और लंबे करियर की उपलब्धियों में सचिन की बादशाहत कायम है। ऐसे में किसी एक को हर मामले में बेहतर बताना उचित नहीं होगा। दोनों अपने-अपने दौर के महान बल्लेबाज हैं और भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उनकी जगह हमेशा खास रहेगी।
