साल 2026 शुरू होते ही क्रिकेट को एक बड़ा झटका लगा है. एक स्टार खिलाड़ी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है, ये खिलाड़ी अंतिम बार टेस्ट क्रिकेट की जर्सी में नजर आने वाला है. इस खिलाड़ी ने संन्यास का ऐलान कर दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेस में कुछ ऐसी बाते कही है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है.
आईपीएल 2025 के बीच भारत के 2 दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने संन्यास का ऐलान किया था, वहीं उसके पहले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान रविचंद्रन अश्विन ने संन्यास का ऐलान किया था. अब साल की शुरुआत में ही इसमें एक और नाम जुड़ गया है.
ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान
ऑस्ट्रेलिया के ओपनर बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने एशेज के अंतिम मैच से पहले संन्यास का ऐलान कर दिया है, हालांकि ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतिम बार वो खेलने उतरेंगे. उस्मान ख्वाजा ने इस बात की जानकारी प्रेस कॉन्फेंस करके दी. उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के लिए पिछले 14 सालों से क्रिकेट खेल रहे हैं, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना डेब्यू 14 साल पहले एशेज टेस्ट सीरीज के दौरान ही किया था.
उस्मान ख्वाजा ने इस दौरान नस्लवाद का आरोप भी लगाया है. उस्मान ख्वाजा के करियर की बात करें तो इस पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी ने 87 टेस्ट मैचों की 157 पारियों में 43.39 के औसत और 48.86 के स्ट्राइक रेट से 6206 रन बनाए हैं. उस्मान ख्वाजा के नाम 16 शतक और 28 अर्द्धशतक दर्ज हैं.
उस्मान ख्वाजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाया नस्लभेद का आरोप
उस्मान ख्वाजा ने इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों पर गंभीर आरोप लगाया है. उस्मान ख्वाजा ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि
“मैं एक अश्वेत क्रिकेटर हूं…मुझे कई मायनों में अलग महसूस हुआ है, जिस तरह से मुझसे बर्ताव किया गया, जिस तरह से चीजें हुईं. मुझे पीठ में जकड़न हुई (पर्थ टेस्ट के दौरान), जो मेरे नियंत्रण में नहीं थी. मगर जिस तरह से मीडिया और पुराने क्रिकेटर्स मुझ पर हमलावर हुए, मैं दो दिन तक वो बर्दाश्त कर सकता था लेकिन लगातार 5 दिनों तक मुझे ये सब झेलना पड़ा और ये मेरे प्रदर्शन को लेकर भी नहीं था.”
उन्होंने आगे कहा कि पहले टेस्ट मैच के दौरान जब पीठ दर्द की वजह से बल्लेबाजी नही की तो लोगों ने उन्हें खुदगरज तक कहा, उस्मान ख्वाजा ने कहा कि
“उन्हें आलसी कहा गया, उनकी तैयारियों पर सवाल उठाए गए, उन्हें खुदगर्ज कहा गया, जबकि कई अन्य खिलाड़ी भी गोल्फ खेलते हुए चोटिल हुए हैं लेकिन उन्हें कभी इस तरह से निशाना नहीं बनाया गया.”
